बृहत् पराशर होरा शास्त्र
ग्रह, भाव और उनके संबंधों को पाराशरी ढाँचे में समझने का आधार।
सनातन परम्परा · शास्त्रीय अध्ययन · नियमित अभ्यास
सनातन ज्ञान-परम्परा से जुड़िए। ग्रह, राशि और भाव को समझकर अपनी पहली कुंडली पढ़ना सीखिए।
वेदांश वल्लभ के साथ 3 महीने का live अध्ययन। ग्रंथों के मूल सिद्धांत, सरल भाषा में व्याख्या और हर विषय के साथ कुंडली पर अभ्यास। आपकी जिज्ञासा से शुरू होकर, आपकी अपनी समझ तक।
पूरे 3 महीने की fee · Payment Razorpay पर
Bonus: 1 साल AstroTry access FREE₹12,000 की value · course के साथ
12 हफ्तों का structured course
Live classes, साथ में practice
हर सप्ताह 2 classes × 2 घंटे
Classwork + homework का लक्ष्य
ज्योतिष पर एक खुली बातचीत
Vedansh VallabhFounder, AstroVedansh · Astrologer & Numerologist
YouTube पर देखेंयहाँ आपकी जिज्ञासा का स्वागत है।
सवाल पूछिए, अर्थ समझिए और अभ्यास से आगे बढ़िए।
ज्योतिष क्यों सीखें?
कभी अपनी कुंडली देखकर सोचा है कि इन खानों, अंकों और ग्रहों से कोई बात कैसे समझी जाती है? या कोई ज्योतिषीय कथन सुनकर पूछा है—इसका आधार क्या है?
यहीं से पढ़ाई शुरू होती है। आप शब्दों का अर्थ समझते हैं, नियम का संदर्भ देखते हैं और अपनी समझ से एक reading तैयार करना सीखते हैं। धीरे-धीरे ग्रंथ की बात और कुंडली में उसका उपयोग जुड़ने लगते हैं।
पढ़ाई के शास्त्रीय आधारस्वभाव, कर्म और समय को ज्योतिष की परम्परा किस तरह देखती है—उसकी मूल अवधारणाएँ पढ़िए।
किसी ग्रह या योग की बात पढ़ते समय उसका भाव, बल और पूरी कुंडली का संदर्भ देखना सीखिए।
आगे ग्रंथ पढ़ने, दशा–गोचर में गहराई तक जाने और अनुभव के साथ परामर्श सीखने की बुनियाद रखिए।
वेदाङ्ग परम्परा · पाराशरी अध्ययन
सिद्धांत पढ़ेंगे। अर्थ पर बात करेंगे।
फिर कुंडली में उसका उपयोग देखेंगे।
ज्योतिष छह वेदाङ्गों में गिना जाता है। उस परम्परा में अनुष्ठानों के लिए समय की गणना का विशेष स्थान था। संदर्भ: IGNCA का Vedic Heritage Portal ↗
इस course में हम पाराशरी जन्मकुंडली अध्ययन के शुरुआती सिद्धांत पढ़ेंगे। पाठ्यक्रम के संदर्भग्रंथ हैं:
ग्रह, भाव और उनके संबंधों को पाराशरी ढाँचे में समझने का आधार।
फल-विचार की भाषा और मूल अवधारणाओं से परिचय।
G. S. Agarwal की पुस्तक—विषयों को क्रम में समझने और उदाहरणों से जोड़ने के लिए।
पढ़ाई का स्तर: इन संदर्भग्रंथों से चुने हुए मूल विषय, शुरुआती विद्यार्थियों के लिए सरल व्याख्या और अभ्यास के साथ।
किसके लिए है यह COURSE?
ज्योतिष में रुचि है और सीखने के लिए समय निकालना चाहते हैं? आप अपनी पढ़ाई, काम या घर की जिम्मेदारियों के साथ यह अध्ययन शुरू कर सकते हैं।
ग्रह, राशि या भाव अभी परिचित नहीं हैं। आप पहली कुंडली से सीखना चाहते हैं।
भारतीय ज्ञान-परम्परा में रुचि है और इस विषय को क्रम से पढ़ना चाहते हैं।
अपने काम के साथ एक गंभीर विषय सीखने के लिए नियमित समय रखना चाहते हैं।
सीखने की पुरानी इच्छा को अब समय देना चाहते हैं। शुरुआत basics से करेंगे।
ज्योतिष की अपनी शब्दावली, नियम और अध्ययन-पद्धति समझना चाहते हैं।
थोड़ा पढ़ चुके हैं या videos देखे हैं। अब आगे की पढ़ाई के लिए बुनियाद मजबूत करना चाहते हैं।
मेरे बारे में
Astrologer · Numerologist · Founder, AstroVedansh
नमस्ते। मैं चाहता हूँ कि जब आप कोई ज्योतिषीय नियम पढ़ें, तो उसका अर्थ भी समझें और उसे कुंडली में देखने का तरीका भी। मेरी पढ़ाई में ग्रंथ, गुरुओं का मार्गदर्शन और कुंडलियों पर अभ्यास साथ रहे हैं। इसी क्रम से हम इस course में आगे बढ़ेंगे।
इस course में मैं आपको भी इसी तरह पढ़ने के लिए आमंत्रित करता हूँ। हम सूत्र को आसान भाषा में खोलेंगे, उदाहरण देखेंगे और आपकी reading के पीछे की वजह पर बात करेंगे। आपके सवाल इस पढ़ाई का ज़रूरी हिस्सा होंगे।
“हम डर नहीं बेचते,आइए, देखें क्या सीखेंगे
clarity देते हैं।”
12 हफ्तों का अध्ययन-क्रम
हर महीने 8 live classes में एक कदम आगे।
नीचे हर week का विषय और अभ्यास खोलकर देख सकते हैं।
ग्रह, राशियाँ और भावों की शुरुआत
D1 / राशि chart, लग्न, राशि और भाव का फर्क, degrees और North Indian chart में ग्रह व भावेश पहचानना।
Practice: 10 blank charts पर पहचान।
सूर्य से केतु तक: ग्रहों का स्वभाव, तत्व, गुण, कारकत्व और उनसे जुड़े life themes.
Practice: हर ग्रह की significations की mapping और chart observations.
मेष से मीन: तत्व, चर–स्थिर–द्विस्वभाव, राशि स्वामी और ग्रह पर राशि का प्रभाव।
Practice: तत्व + स्वभाव + स्वामी की worksheet.
स्वभाव, धन, वाणी, परिवार, साहस, skills, माता और सुख से जुड़े भाव। भाव–भावेश–कारक को साथ पढ़ने की शुरुआत।
Checkpoint: Foundation test और 10 charts पर अभ्यास।
इस महीने की समझकुंडली में ग्रह, राशि, भाव और भावेश पहचानना।
बाकी भाव, ग्रहबल और आपसी संबंध
शिक्षा, बुद्धि, संतान, प्रेम, सेवा, ऋण, विवाह, partnership और परिवर्तन से जुड़े भाव।
Practice: 8 charts में भाव, स्वामी और कारक साथ देखना।
भाग्य, गुरु, कर्म, profession, आय, खर्च और विदेश। किसी भाव का स्वामी दूसरे भाव में जाने पर reading कैसे बदलती है।
Practice: सभी 12 house lords की placement table.
उच्च, नीच, स्वराशि, मूलत्रिकोण, मित्र–शत्रु राशि; अस्त, वक्री, वर्गोत्तम, degrees और दिशाबल का परिचय।
Practice: 15 placements की strength समझना, कारण सहित।
7वीं दृष्टि, मंगल–गुरु–शनि की विशेष दृष्टियाँ, युति, राशि परिवर्तन और dispositor संबंध।
Checkpoint: Chart relationships पर practical test.
इस महीने की समझग्रह की स्थिति और संबंध देखकर basic फल-विचार करना।
योग, दशा, गोचर और final practice
केंद्र, त्रिकोण, त्रिक, उपचय, मारक; धर्म–अर्थ–काम–मोक्ष भाव। भावात् भावम्, कारकात् भावम् और dispositor chain का सरल परिचय।
Practice: House classification और भावात् भावम् के examples.
राजयोग, धनयोग, धर्म–कर्माधिपति, परिवर्तन, नीचभंग और विपरीत राजयोग। योग बनने और उसका फल मिलने का फर्क।
Practice: 20 charts में योग व संबंधित भाव–ग्रह पहचानना।
विंशोत्तरी महादशा–अंतर्दशा और दशानाथ के भाव। शनि, गुरु, राहु–केतु के प्रमुख गोचर का परिचय; जन्मकुंडली व चंद्र का reference.
Practice: अपनी current MD–AD का basic portfolio.
5 guided charts पर स्वभाव, शिक्षा, profession, धन व relationship tendencies पढ़ने का अभ्यास। Unknown chart reading, viva और revision.
Final task: एक unknown D1 chart का 2–3 पेज का basic analysis.
इस महीने की समझएक जन्मकुंडली की basic reading कारण सहित लिखना।
अध्ययन का आधार: पाराशरी सिद्धांत और पाठ्यक्रम में दिए गए संदर्भग्रंथ। मूल बातों को समझते हुए हम हर महीने उन्हें कुंडलियों पर लागू करेंगे।
पढ़ने का अनुशासन
पहले परिभाषा, फिर ग्रह की स्थिति, फिर पूरी कुंडली का संदर्भ। इन बातों को जोड़कर आप अपनी reading की वजह बताना सीखेंगे।
पढ़ाई का क्रम: सिद्धांत → निरीक्षण → विवेचन → लिखित अभ्यास।
कक्षा में अध्ययन कैसे होगा?
एक शास्त्रीय नियम समझने के बाद हम उदाहरणों पर रुकेंगे। आप बताएँगे कि chart में क्या देखा, कौन-सा नियम लगाया और कहाँ उलझन हुई। इसी बातचीत से किताब की बात आपकी अपनी समझ का हिस्सा बनेगी।
अपनी reading के साथ उसका आधार स्पष्ट करना सीखेंगे।
हर सप्ताह 2 classes × 2 घंटे। कक्षा के बाद notes, revision और homework से अभ्यास आगे बढ़ेगा।
Key points और छोटे सवाल।
परिभाषा, कारण और समझने का तरीका।
शास्त्रीय सिद्धांत का context.
2–5 real / sample charts पर application.
आपकी reading और उसके पीछे की वजह।
Worksheet और homework chart.
पढ़ाई का पहला ठोस परिणाम
Final practical में एक नई जन्मकुंडली होगी।
आप इन 7 चरणों में अपने observations और उनकी वजह लिखेंगे।
एक नई जन्मकुंडली (D1).
आपकी 2–3 पेज की reading, कारण सहित।
आगे क्या SCOPE है?
आपका अगला कदम आपकी रुचि,
अभ्यास और आगे की तैयारी से तय होगा।
ग्रंथों को समझकर पढ़ना, अपनी study notes बनाना और दशा, गोचर व अन्य विषयों में आगे बढ़ना।
Advanced अध्ययन और मार्गदर्शन में पर्याप्त अभ्यास के बाद, अपनी क्षमता के दायरे में स्वतंत्र consultations की दिशा में बढ़ना।
समझ और अनुभव बढ़ने पर विषय को लेखों, videos या workshops के माध्यम से जिम्मेदारी से समझाना।
कुंडलियों पर अपने observations लिखना, व्याख्याओं की तुलना करना और मेल व अंतर दोनों पर विचार करना।
इस course में: बुनियाद और basic D1 reading। उसके बाद: advanced अध्ययन, मार्गदर्शन में अभ्यास और अपनी रुचि के क्षेत्र में अनुभव।
ज्योतिष से कितना EARN कर सकते हैं?
अगर आप आगे चलकर paid consultations देना चाहते हैं, तो अभी से अच्छी पढ़ाई और जिम्मेदार अभ्यास में समय लगाइए। इस foundation के बाद advanced अध्ययन और मार्गदर्शन में case practice आपको उस दिशा में तैयार करेंगे।
कमाई आपकी तैयारी, संवाद, तय की गई fee और भुगतान करने वाले clients की संख्या पर निर्भर करेगी। काम के साथ शुरुआत करें या आगे इसे अधिक समय दें—अपने समय और खर्च का हिसाब साथ रखिए।
अभी का लक्ष्य: ऐसी बुनियाद, जिस पर आगे आप अपना कौशल और लोगों का भरोसा बना सकें।
ये सिर्फ गणना समझाने के लिए मान ली गई fees और sessions हैं; market rates या विद्यार्थियों की कमाई के आँकड़े नहीं।
| मान ली गई fee / session | महीने में paid sessions | कुल revenue |
|---|---|---|
| ₹500 | 10 | ₹5,000 |
| ₹1,000 | 20 | ₹20,000 |
| ₹1,500 | 30 | ₹45,000 |
Platform fees और अन्य खर्च घटने के बाद शुद्ध कमाई निकलती है। वास्तविक आय कम, अधिक या शून्य हो सकती है। Course से clients या income की guarantee नहीं है।
अध्ययन के साथ अभ्यास का साधन
Course के साथ AstroTry astrology software का 1 साल का access FREE मिलेगा। कुंडली बनाकर ग्रहों की स्थिति देखिए और class में सीखे नियमों पर काम कीजिए। ₹12,000 की value का यह access आपकी course fee में शामिल है।
Google Play पर ऐप देखेंआपके अगले 3 महीने
अगर ज्योतिष सीखने की इच्छा लंबे समय से मन में है, तो आइए उसे एक नियमित अध्ययन का रूप दें। हम पहली कुंडली से शुरू करेंगे। आप सवाल लेकर आइए; उन्हें समझना, उदाहरण देखना और अभ्यास करना हमारी कक्षाओं का हिस्सा होगा।
पाराशरी ज्योतिष का अध्ययन, पहली कुंडली से।
₹12,000 की value · कोई extra fee नहीं
Payment Razorpay पर होगा।
नियम और policies नीचे दिए गए हैं।
अध्ययन शुरू करने से पहले
शुरुआत, अभ्यास और आगे की पढ़ाई के बारे में।
हाँ। हम जन्मकुंडली की बनावट से शुरू करेंगे और ग्रह, राशि व भाव का अर्थ समझेंगे। हर नए विषय के साथ उदाहरण और अभ्यास होंगे। आपकी तरफ से नियमित पढ़ाई और सवाल पूछने की इच्छा चाहिए।
पहले से संस्कृत या वेदों का अध्ययन ज़रूरी नहीं। पाठ्यक्रम में शामिल शास्त्रीय शब्दों और सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया जाएगा। हम संदर्भग्रंथों से चुने हुए बुनियादी विषय पढ़ेंगे।
हाँ। Classwork और homework मिलाकर लगभग 50 charts पर काम करने का लक्ष्य है। Final practical में एक नई D1 कुंडली का 2–3 पेज का basic analysis, कारण सहित लिखेंगे।
हर सप्ताह 2 live classes, हर class 2 घंटे की। यानी 4 घंटे कक्षा में, साथ में revision और homework का समय। Enrol करने से पहले batch timings अपने schedule से मिला लें।
Recorded classes की उपलब्धता और access academy policy के अनुसार है। Recording आपके लिए ज़रूरी हो तो enrol करने से पहले उसकी availability और access duration जान लें।
ग्रह, राशि, भाव, ग्रहबल, संबंध और basic योग को जोड़कर जन्मकुंडली की basic reading करना। दशा–गोचर का शुरुआती परिचय भी होगा। Advanced prediction और exact event timing आगे के अध्ययन के विषय हैं।
यह आपकी बुनियाद तैयार करने का course है। जिम्मेदार paid consultation के लिए advanced अध्ययन, मार्गदर्शन में case practice और अपनी क्षमता का ईमानदार आकलन ज़रूरी है। आगे की कमाई fee, clients और खर्च पर निर्भर करेगी; page पर दिए उदाहरण केवल काल्पनिक गणना हैं।
पाठ्यक्रम में AstroVedansh का course completion certificate शामिल है। पढ़ाई के दौरान assignments, monthly tests और अंत में practical व viva भी होंगे।
पूरे course की fee ₹12,000 है। ₹2,000 discount के बाद ₹10,000 देय हैं। इसमें 1 साल का AstroTry access FREE शामिल है, जिसकी value ₹12,000 है। “अपना अध्ययन शुरू करें” button से Razorpay payment page खुलेगा। नियम, refund और privacy की links नीचे हैं।
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