सनातन परम्परा · शास्त्रीय अध्ययन · नियमित अभ्यास

कुंडली खोलिए।
अब समझकर पढ़िए।

सनातन ज्ञान-परम्परा से जुड़िए। ग्रह, राशि और भाव को समझकर अपनी पहली कुंडली पढ़ना सीखिए।

वेदांश वल्लभ के साथ 3 महीने का live अध्ययन। ग्रंथों के मूल सिद्धांत, सरल भाषा में व्याख्या और हर विषय के साथ कुंडली पर अभ्यास। आपकी जिज्ञासा से शुरू होकर, आपकी अपनी समझ तक।

Original fee ₹12,000₹10,000₹2,000 की बचत

पूरे 3 महीने की fee · Payment Razorpay पर

शास्त्रीय आधार24 live classesबिल्कुल शुरुआत से
Bonus: 1 साल AstroTry access FREE₹12,000 की value · course के साथ
ज्योतिष अध्ययन से प्रेरित पुस्तक और खगोलीय यंत्र का चित्र
श्रद्धा · जिज्ञासा · अध्ययनपरम्परा से परिचय।
समझ की ओर पहला कदम।
3 महीने

12 हफ्तों का structured course

24

Live classes, साथ में practice

48 घंटे

हर सप्ताह 2 classes × 2 घंटे

≈ 50 charts

Classwork + homework का लक्ष्य

ज्योतिष पर एक खुली बातचीत

पढ़ाई शुरू करने से पहले,
अपने शिक्षक को सुनिए।

Vedansh VallabhFounder, AstroVedansh · Astrologer & Numerologist

YouTube पर देखें
मेरी पढ़ाई और अनुभव

यहाँ आपकी जिज्ञासा का स्वागत है।
सवाल पूछिए, अर्थ समझिए और अभ्यास से आगे बढ़िए।

ज्योतिष क्यों सीखें?

बहुत कुछ सुना है। अब समझकर सीखिए।

कभी अपनी कुंडली देखकर सोचा है कि इन खानों, अंकों और ग्रहों से कोई बात कैसे समझी जाती है? या कोई ज्योतिषीय कथन सुनकर पूछा है—इसका आधार क्या है?

यहीं से पढ़ाई शुरू होती है। आप शब्दों का अर्थ समझते हैं, नियम का संदर्भ देखते हैं और अपनी समझ से एक reading तैयार करना सीखते हैं। धीरे-धीरे ग्रंथ की बात और कुंडली में उसका उपयोग जुड़ने लगते हैं।

पढ़ाई के शास्त्रीय आधार
01

परम्परा को करीब से समझने के लिए

स्वभाव, कर्म और समय को ज्योतिष की परम्परा किस तरह देखती है—उसकी मूल अवधारणाएँ पढ़िए।

02

अपनी समझ बनाने के लिए

किसी ग्रह या योग की बात पढ़ते समय उसका भाव, बल और पूरी कुंडली का संदर्भ देखना सीखिए।

03

आगे गंभीर अध्ययन के लिए

आगे ग्रंथ पढ़ने, दशा–गोचर में गहराई तक जाने और अनुभव के साथ परामर्श सीखने की बुनियाद रखिए।

वेदाङ्ग परम्परा · पाराशरी अध्ययन

ग्रंथ का सूत्र।
कक्षा में उसकी समझ।

सिद्धांत पढ़ेंगे। अर्थ पर बात करेंगे।
फिर कुंडली में उसका उपयोग देखेंगे।

ज्योतिष छह वेदाङ्गों में गिना जाता है। उस परम्परा में अनुष्ठानों के लिए समय की गणना का विशेष स्थान था। संदर्भ: IGNCA का Vedic Heritage Portal ↗

इस course में हम पाराशरी जन्मकुंडली अध्ययन के शुरुआती सिद्धांत पढ़ेंगे। पाठ्यक्रम के संदर्भग्रंथ हैं:

01 · शास्त्रीय संदर्भ

बृहत् पराशर होरा शास्त्र

ग्रह, भाव और उनके संबंधों को पाराशरी ढाँचे में समझने का आधार।

02 · शास्त्रीय संदर्भ

फलदीपिका

फल-विचार की भाषा और मूल अवधारणाओं से परिचय।

03 · सहायक अध्ययन

Practical Vedic Astrology

G. S. Agarwal की पुस्तक—विषयों को क्रम में समझने और उदाहरणों से जोड़ने के लिए।

पढ़ाई का स्तर: इन संदर्भग्रंथों से चुने हुए मूल विषय, शुरुआती विद्यार्थियों के लिए सरल व्याख्या और अभ्यास के साथ।

किसके लिए है यह COURSE?

जहाँ हैं, वहीं से शुरुआत कीजिए।

ज्योतिष में रुचि है और सीखने के लिए समय निकालना चाहते हैं? आप अपनी पढ़ाई, काम या घर की जिम्मेदारियों के साथ यह अध्ययन शुरू कर सकते हैं।

  • बिल्कुल नए विद्यार्थी

    ग्रह, राशि या भाव अभी परिचित नहीं हैं। आप पहली कुंडली से सीखना चाहते हैं।

  • Students और जिज्ञासु पाठक

    भारतीय ज्ञान-परम्परा में रुचि है और इस विषय को क्रम से पढ़ना चाहते हैं।

  • नौकरी या व्यवसाय करने वाले

    अपने काम के साथ एक गंभीर विषय सीखने के लिए नियमित समय रखना चाहते हैं।

  • गृहिणियाँ और सेवानिवृत्त लोग

    सीखने की पुरानी इच्छा को अब समय देना चाहते हैं। शुरुआत basics से करेंगे।

  • अध्यात्म और शास्त्रों में रुचि रखने वाले

    ज्योतिष की अपनी शब्दावली, नियम और अध्ययन-पद्धति समझना चाहते हैं।

  • आगे परामर्श सीखना चाहने वाले

    थोड़ा पढ़ चुके हैं या videos देखे हैं। अब आगे की पढ़ाई के लिए बुनियाद मजबूत करना चाहते हैं।

वेदांश वल्लभ, AstroVedansh के संस्थापक
Vedansh VallabhFounder, AstroVedansh

मेरे बारे में

नमस्ते, मैं वेदांश वल्लभ हूँ।

Astrologer · Numerologist · Founder, AstroVedansh

नमस्ते। मैं चाहता हूँ कि जब आप कोई ज्योतिषीय नियम पढ़ें, तो उसका अर्थ भी समझें और उसे कुंडली में देखने का तरीका भी। मेरी पढ़ाई में ग्रंथ, गुरुओं का मार्गदर्शन और कुंडलियों पर अभ्यास साथ रहे हैं। इसी क्रम से हम इस course में आगे बढ़ेंगे।

औपचारिक अध्ययन
ICAS · ज्योतिष प्रवीण एवं ज्योतिष विशारद
अध्ययन के क्षेत्र
वैदिक ज्योतिष · नाड़ी · KP · अंकज्योतिष

इस course में मैं आपको भी इसी तरह पढ़ने के लिए आमंत्रित करता हूँ। हम सूत्र को आसान भाषा में खोलेंगे, उदाहरण देखेंगे और आपकी reading के पीछे की वजह पर बात करेंगे। आपके सवाल इस पढ़ाई का ज़रूरी हिस्सा होंगे।

“हम डर नहीं बेचते,
clarity देते हैं।”
आइए, देखें क्या सीखेंगे

12 हफ्तों का अध्ययन-क्रम

पहले भाषा सीखेंगे।
फिर पूरी कुंडली पढ़ेंगे।

हर महीने 8 live classes में एक कदम आगे।
नीचे हर week का विषय और अभ्यास खोलकर देख सकते हैं।

MONTH 01WEEKS 1–4

कुंडली की भाषा

ग्रह, राशियाँ और भावों की शुरुआत

01जन्मकुंडली की बनावट

D1 / राशि chart, लग्न, राशि और भाव का फर्क, degrees और North Indian chart में ग्रह व भावेश पहचानना।

Practice: 10 blank charts पर पहचान।

02नवग्रह को समझना

सूर्य से केतु तक: ग्रहों का स्वभाव, तत्व, गुण, कारकत्व और उनसे जुड़े life themes.

Practice: हर ग्रह की significations की mapping और chart observations.

0312 राशियों की प्रकृति

मेष से मीन: तत्व, चर–स्थिर–द्विस्वभाव, राशि स्वामी और ग्रह पर राशि का प्रभाव।

Practice: तत्व + स्वभाव + स्वामी की worksheet.

04भाव 1–4 और पहला chart lab

स्वभाव, धन, वाणी, परिवार, साहस, skills, माता और सुख से जुड़े भाव। भाव–भावेश–कारक को साथ पढ़ने की शुरुआत।

Checkpoint: Foundation test और 10 charts पर अभ्यास।

इस महीने की समझकुंडली में ग्रह, राशि, भाव और भावेश पहचानना।

MONTH 02WEEKS 5–8

ग्रहों को जोड़कर पढ़ना

बाकी भाव, ग्रहबल और आपसी संबंध

05भाव 5–8 की समझ

शिक्षा, बुद्धि, संतान, प्रेम, सेवा, ऋण, विवाह, partnership और परिवर्तन से जुड़े भाव।

Practice: 8 charts में भाव, स्वामी और कारक साथ देखना।

06भाव 9–12 और भावेश

भाग्य, गुरु, कर्म, profession, आय, खर्च और विदेश। किसी भाव का स्वामी दूसरे भाव में जाने पर reading कैसे बदलती है।

Practice: सभी 12 house lords की placement table.

07ग्रह कितना मजबूत है?

उच्च, नीच, स्वराशि, मूलत्रिकोण, मित्र–शत्रु राशि; अस्त, वक्री, वर्गोत्तम, degrees और दिशाबल का परिचय।

Practice: 15 placements की strength समझना, कारण सहित।

08दृष्टि, युति और ग्रह संबंध

7वीं दृष्टि, मंगल–गुरु–शनि की विशेष दृष्टियाँ, युति, राशि परिवर्तन और dispositor संबंध।

Checkpoint: Chart relationships पर practical test.

इस महीने की समझग्रह की स्थिति और संबंध देखकर basic फल-विचार करना।

MONTH 03WEEKS 9–12

पूरी कुंडली की reading

योग, दशा, गोचर और final practice

09भावों के पीछे का logic

केंद्र, त्रिकोण, त्रिक, उपचय, मारक; धर्म–अर्थ–काम–मोक्ष भाव। भावात् भावम्, कारकात् भावम् और dispositor chain का सरल परिचय।

Practice: House classification और भावात् भावम् के examples.

10Basic योग की पहचान

राजयोग, धनयोग, धर्म–कर्माधिपति, परिवर्तन, नीचभंग और विपरीत राजयोग। योग बनने और उसका फल मिलने का फर्क।

Practice: 20 charts में योग व संबंधित भाव–ग्रह पहचानना।

11दशा और गोचर की शुरुआत

विंशोत्तरी महादशा–अंतर्दशा और दशानाथ के भाव। शनि, गुरु, राहु–केतु के प्रमुख गोचर का परिचय; जन्मकुंडली व चंद्र का reference.

Practice: अपनी current MD–AD का basic portfolio.

127-step reading और final practical

5 guided charts पर स्वभाव, शिक्षा, profession, धन व relationship tendencies पढ़ने का अभ्यास। Unknown chart reading, viva और revision.

Final task: एक unknown D1 chart का 2–3 पेज का basic analysis.

इस महीने की समझएक जन्मकुंडली की basic reading कारण सहित लिखना।

अध्ययन का आधार: पाराशरी सिद्धांत और पाठ्यक्रम में दिए गए संदर्भग्रंथ। मूल बातों को समझते हुए हम हर महीने उन्हें कुंडलियों पर लागू करेंगे।

पढ़ने का अनुशासन

हर निष्कर्ष के पीछे
एक समझने योग्य क्रम।

पहले परिभाषा, फिर ग्रह की स्थिति, फिर पूरी कुंडली का संदर्भ। इन बातों को जोड़कर आप अपनी reading की वजह बताना सीखेंगे।

  1. 01ग्रहउसका स्वभाव क्या है?
  2. 02राशिवह किस तरह काम करेगा?
  3. 03भावजीवन का कौन-सा क्षेत्र?
  4. 04भावेशवह किन भावों का स्वामी है?
  5. 05संबंधकिन ग्रहों से जुड़ा है?

पढ़ाई का क्रम: सिद्धांत → निरीक्षण → विवेचन → लिखित अभ्यास।

कक्षा में अध्ययन कैसे होगा?

जो पढ़ा है,
उसे कुंडली पर देखिए।

एक शास्त्रीय नियम समझने के बाद हम उदाहरणों पर रुकेंगे। आप बताएँगे कि chart में क्या देखा, कौन-सा नियम लगाया और कहाँ उलझन हुई। इसी बातचीत से किताब की बात आपकी अपनी समझ का हिस्सा बनेगी।

“आप इस निष्कर्ष तक कैसे पहुँचे?”

अपनी reading के साथ उसका आधार स्पष्ट करना सीखेंगे।

हर सप्ताह 2 classes × 2 घंटे। कक्षा के बाद notes, revision और homework से अभ्यास आगे बढ़ेगा।

एक LIVE CLASS के 120 मिनट
  1. 00–10 मिनट

    पिछली class की revision

    Key points और छोटे सवाल।

  2. 10–50 मिनट

    आज का concept

    परिभाषा, कारण और समझने का तरीका।

  3. 50–70 मिनट

    सूत्र को आसान भाषा में समझना

    शास्त्रीय सिद्धांत का context.

  4. 70–105 मिनट

    Chart lab PRACTICAL

    2–5 real / sample charts पर application.

  5. 105–115 मिनट

    अब आपकी बारी

    आपकी reading और उसके पीछे की वजह।

  6. 115–120 मिनट

    अगली class तक का अभ्यास

    Worksheet और homework chart.

पढ़ाई का पहला ठोस परिणाम

अपनी पहली व्यवस्थित
कुंडली reading लिखिए।

Final practical में एक नई जन्मकुंडली होगी।
आप इन 7 चरणों में अपने observations और उनकी वजह लिखेंगे।

  1. 01लग्न और लग्नेश
  2. 02चंद्र और सूर्य
  3. 03ग्रहों की basic strength
  4. 04भाव–भावेश–कारक
  5. 05ग्रहों के संबंध
  6. 06Basic योग
  7. 07Current दशा
FINAL PRACTICAL

एक नई जन्मकुंडली (D1).
आपकी 2–3 पेज की reading, कारण सहित।

अपने अध्ययन का एक लिखित नमूना, जिसे आगे की पढ़ाई में फिर देख सकें।

आगे क्या SCOPE है?

एक बुनियाद।
आगे पढ़ने और काम की कई दिशाएँ।

आपका अगला कदम आपकी रुचि,
अभ्यास और आगे की तैयारी से तय होगा।

01

गहरा व्यक्तिगत अध्ययन

ग्रंथों को समझकर पढ़ना, अपनी study notes बनाना और दशा, गोचर व अन्य विषयों में आगे बढ़ना।

02

आगे चलकर ज्योतिषीय परामर्श

Advanced अध्ययन और मार्गदर्शन में पर्याप्त अभ्यास के बाद, अपनी क्षमता के दायरे में स्वतंत्र consultations की दिशा में बढ़ना।

03

लेखन, content और शिक्षण

समझ और अनुभव बढ़ने पर विषय को लेखों, videos या workshops के माध्यम से जिम्मेदारी से समझाना।

04

Case studies और अध्ययन-समूह

कुंडलियों पर अपने observations लिखना, व्याख्याओं की तुलना करना और मेल व अंतर दोनों पर विचार करना।

इस course में: बुनियाद और basic D1 reading। उसके बाद: advanced अध्ययन, मार्गदर्शन में अभ्यास और अपनी रुचि के क्षेत्र में अनुभव।

ज्योतिष से कितना EARN कर सकते हैं?

पहले योग्यता।
फिर परामर्श का मूल्य।

अगर आप आगे चलकर paid consultations देना चाहते हैं, तो अभी से अच्छी पढ़ाई और जिम्मेदार अभ्यास में समय लगाइए। इस foundation के बाद advanced अध्ययन और मार्गदर्शन में case practice आपको उस दिशा में तैयार करेंगे।

कमाई आपकी तैयारी, संवाद, तय की गई fee और भुगतान करने वाले clients की संख्या पर निर्भर करेगी। काम के साथ शुरुआत करें या आगे इसे अधिक समय दें—अपने समय और खर्च का हिसाब साथ रखिए।

अभी का लक्ष्य: ऐसी बुनियाद, जिस पर आगे आप अपना कौशल और लोगों का भरोसा बना सकें।

कमाई का एक उदाहरण समझिए

ये सिर्फ गणना समझाने के लिए मान ली गई fees और sessions हैं; market rates या विद्यार्थियों की कमाई के आँकड़े नहीं।

काल्पनिक मासिक revenue · खर्च घटाने से पहले
मान ली गई fee / sessionमहीने में paid sessionsकुल revenue
₹50010₹5,000
₹1,00020₹20,000
₹1,50030₹45,000

Platform fees और अन्य खर्च घटने के बाद शुद्ध कमाई निकलती है। वास्तविक आय कम, अधिक या शून्य हो सकती है। Course से clients या income की guarantee नहीं है।

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अध्ययन के साथ अभ्यास का साधन

कक्षा में सीखिए।
AstroTry पर अभ्यास कीजिए।

Value ₹12,000आपके लिए FREE

Course के साथ AstroTry astrology software का 1 साल का access FREE मिलेगा। कुंडली बनाकर ग्रहों की स्थिति देखिए और class में सीखे नियमों पर काम कीजिए। ₹12,000 की value का यह access आपकी course fee में शामिल है।

Google Play पर ऐप देखें

आपके अगले 3 महीने

जिस विद्या में रुचि है, उसे सीखने का समय दीजिए।

अगर ज्योतिष सीखने की इच्छा लंबे समय से मन में है, तो आइए उसे एक नियमित अध्ययन का रूप दें। हम पहली कुंडली से शुरू करेंगे। आप सवाल लेकर आइए; उन्हें समझना, उदाहरण देखना और अभ्यास करना हमारी कक्षाओं का हिस्सा होगा।

पढ़ाई और अभ्यास में आपके साथ

  • Module-wise PDF notes और पूरे 12 हफ्तों की workbook
  • ग्रह, राशि, भाव और उनके स्वामियों की reference sheets
  • अपनी reading लिखने की worksheet और homework charts
  • Monthly tests, answers पर चर्चा और सवाल पूछने का group
  • AstroVedansh का course completion certificate
ASTROVEDANSHFOUNDATION

Basic Vedic
Astrology Course

पाराशरी ज्योतिष का अध्ययन, पहली कुंडली से।

पूरे 3 महीने की COURSE FEE
₹10,000₹12,000
₹2,000 discount
अवधि
3 महीने / 12 हफ्ते
Live learning
24 classes · 48 घंटे
हर सप्ताह
2 classes × 2 घंटे
शुरुआती ज्ञान
ज़रूरी नहीं
COURSE BONUSAstroTry · 1 साल का access FREE

₹12,000 की value · कोई extra fee नहीं

अपना अध्ययन शुरू करें

Payment Razorpay पर होगा।
नियम और policies नीचे दिए गए हैं।

आने वाली MASTERCLASSES

एक विषय। गहराई से अध्ययन।

अपनी रुचि के विषय पर 3–4 घंटे की recorded masterclasses। सातों masterclasses अभी Coming Soon हैं।

01Coming Soon

MASTERCLASS

Rajyog और Dhan Yog पहचानना

Recorded · 3–4 घंटे

02Coming Soon

MASTERCLASS

D10 से Career और Profession Analysis

Recorded · 3–4 घंटे

03Coming Soon

MASTERCLASS

D9 नवांश से Marriage Analysis

Recorded · 3–4 घंटे

04Coming Soon

MASTERCLASS

Vimshottari Dasha से Timing Analysis

Recorded · 3–4 घंटे

05Coming Soon

MASTERCLASS

Numerology से Name Analysis सीखें

Recorded · 3–4 घंटे

06Coming Soon

MASTERCLASS

अपनी कुंडली खुद पढ़ना सीखें

Recorded · 3–4 घंटे

07Coming Soon

MASTERCLASS

Yogini Dasha और Chara Dasha Introduction

Recorded · 3–4 घंटे

ये अलग आगामी masterclasses हैं; वर्तमान Basic Vedic Astrology Course के package में शामिल नहीं हैं। Launch की तारीख, fees और enrolment की जानकारी उपलब्ध होने पर यहीं दी जाएगी।

अध्ययन शुरू करने से पहले

कुछ सवाल
जो आपके मन में होंगे।

शुरुआत, अभ्यास और आगे की पढ़ाई के बारे में।

मैंने पहले कभी ज्योतिष नहीं पढ़ा। क्या मैं सीख पाऊँगा/पाऊँगी?

हाँ। हम जन्मकुंडली की बनावट से शुरू करेंगे और ग्रह, राशि व भाव का अर्थ समझेंगे। हर नए विषय के साथ उदाहरण और अभ्यास होंगे। आपकी तरफ से नियमित पढ़ाई और सवाल पूछने की इच्छा चाहिए।

ग्रंथ पढ़ेंगे तो क्या संस्कृत आना ज़रूरी है?

पहले से संस्कृत या वेदों का अध्ययन ज़रूरी नहीं। पाठ्यक्रम में शामिल शास्त्रीय शब्दों और सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया जाएगा। हम संदर्भग्रंथों से चुने हुए बुनियादी विषय पढ़ेंगे।

क्या अपनी कुंडली reading लिखने का अभ्यास भी होगा?

हाँ। Classwork और homework मिलाकर लगभग 50 charts पर काम करने का लक्ष्य है। Final practical में एक नई D1 कुंडली का 2–3 पेज का basic analysis, कारण सहित लिखेंगे।

काम या घर की जिम्मेदारियों के साथ कितना समय देना होगा?

हर सप्ताह 2 live classes, हर class 2 घंटे की। यानी 4 घंटे कक्षा में, साथ में revision और homework का समय। Enrol करने से पहले batch timings अपने schedule से मिला लें।

Live class छूट जाए तो recording का क्या रहेगा?

Recorded classes की उपलब्धता और access academy policy के अनुसार है। Recording आपके लिए ज़रूरी हो तो enrol करने से पहले उसकी availability और access duration जान लें।

तीन महीने के बाद किस स्तर तक पहुँचने का लक्ष्य है?

ग्रह, राशि, भाव, ग्रहबल, संबंध और basic योग को जोड़कर जन्मकुंडली की basic reading करना। दशा–गोचर का शुरुआती परिचय भी होगा। Advanced prediction और exact event timing आगे के अध्ययन के विषय हैं।

क्या इसके बाद paid consultations शुरू कर सकते हैं?

यह आपकी बुनियाद तैयार करने का course है। जिम्मेदार paid consultation के लिए advanced अध्ययन, मार्गदर्शन में case practice और अपनी क्षमता का ईमानदार आकलन ज़रूरी है। आगे की कमाई fee, clients और खर्च पर निर्भर करेगी; page पर दिए उदाहरण केवल काल्पनिक गणना हैं।

पढ़ाई पूरी करने पर certificate मिलेगा?

पाठ्यक्रम में AstroVedansh का course completion certificate शामिल है। पढ़ाई के दौरान assignments, monthly tests और अंत में practical व viva भी होंगे।

Fee और enrolment की प्रक्रिया क्या है?

पूरे course की fee ₹12,000 है। ₹2,000 discount के बाद ₹10,000 देय हैं। इसमें 1 साल का AstroTry access FREE शामिल है, जिसकी value ₹12,000 है। “अपना अध्ययन शुरू करें” button से Razorpay payment page खुलेगा। नियम, refund और privacy की links नीचे हैं।

Payment page खोलें
₹10,000 ₹12,0003 महीने · 24 Live Classes
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